The Ashes History: क्रिकेट के इतिहास में बहुत कम ऐसी राइवलरी हैं, जिनका नाम लेते ही रोमांच बढ़ जाए। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली एशेज सीरीज भी ऐसी ही मशहूर टक्कर है। इसे दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक माना जाता है।
एशेज क्रिकेट की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित राइवलरी मानी जाती है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 140 साल से यह मुकाबला जारी है।
यह ऐतिहासिक सीरीज असल में 1882 में हुए एक मजाक से शुरू हुई थी। इंग्लैंड ने अपने घर में पहली बार ऑस्ट्रेलिया से केवल 7 रन से हार झेली थी।
इस हार के बाद इंग्लैंड में हंगामा मच गया और अखबार ने मजाक में "शोक संदेश" छाप दिया। उसी लाइन ने 'एशेज' नाम को जन्म दे दिया।
इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान आईवो ब्लाइ ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कहा कि वे "एशेज वापस लाएंगे"। इंग्लैंड ने पहला टेस्ट गंवाने के बाद अगले दो टेस्ट जीतकर अपना वादा पूरा किया।
इसी ऐतिहासिक दौरे के दौरान ब्लाइ को एक छोटी कलश (urn) भेंट की गई। कहा जाता है कि उसमें राख थी, लेकिन यह अभी भी रहस्य है कि वह किसकी राख थी।
ब्लाइ की मृत्यु के बाद कलश (urn) को MCC ने अपने संग्रह में रख लिया। आज विजेता टीम को उसकी एक नकल और 1998-99 से क्रिस्टल ट्रॉफी दी जाती है।