कौन तोड़ पाएगा Shoaib Akhtar के सबसे तेज़ 161.3kmph गति के गेंद का रिकॉर्ड, इस युवा खिलाड़ी ने ठोका दावा!

Shoaib Akhtar ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंद डाली थी और उनके नाम ही सबसे तेज़ गति की गेंद फेंकने का रिकॉर्ड हैं।

iconPublished: 12 Apr 2025, 01:21 PM
iconUpdated: 12 Apr 2025, 01:23 PM

दुनिया भर में क्रिकेट एक लोकप्रिय खेल रहे है जहाँ काफी खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाते हैं और वें रिकॉर्ड टूटते भी रहते हैं। क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज़ डालने का रिकॉर्ड एक खिलाड़ी तोड़ सकता है जिसने अभी बड़ा दावा किया हैं।

इस वक़्त क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज़ गेंद डालने का रिकॉर्ड Shoaib Akhtar के नाम है जहाँ उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से फेंकी थी, उनके रिकॉर्ड को कोई भी गेंदबाज़ आज तक टोक नहीं पाया है लेकिन एक भारतीय खिलाड़ियों ने दावा ठोका हैं।

When Shoaib Akhtar bowled the Fastest Ball in Cricket ...

कौन तोड़ेगा Shoaib Akhtar का रिकॉर्ड:

Shoaib Akhtar का सबसे तेज़ गेंद फेंकने का रिकॉर्ड तोड़ना काफी मुश्किल है लेकिन भारतीय गेंदबाज़ मयंक यादव ने इस रिकॉर्ड को तोड़ने का दावा ठोका हैंजज मयंक यादव बचपन से ही तेज़ चीजें पसंद करते हैं और इसी कारण तेज़ गेंदबाजी शुरू की थी।

मयंक यादव ने आईपीएल में डेब्यू करते हुए सभी को काफी ज्यादा इम्प्रेस किया था। उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए डेब्यू करते हुए आरसीबी के खिलाफ 156.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंद डाली थी। उन्होंने इस स्पीड से सभी को इम्प्रेस कर दिया था और सुर्खियां बटोरी थी।

Mayank Yadav ने ठोका दावा:

मयंक यादव अपनी रफ्तार के लिए जाने जाते हैं और 150 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से लगातार गेंदबाज़ी करने की उनकी क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई। तेज़ गेंदबाज़ मयंक यादव अब तक भारत के लिए 3 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 20.75 की औसत से कुल 4 विकेट हासिल किए हैं। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने उनकी इस शानदार गति और प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए उन्हें 11 करोड़ रुपये में रिटेन किया था।

मयंक यादव अगर अपनी गति पर ध्यान दे तो वें Shoaib Akhtar के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। उनकी गति से बल्लेबाजों को काफी परेशानी होती हैं। मयंक यादव बिहार के सुपौल जिले के मरौना प्रखंड स्थित रतहो गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रभु यादव ने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए चाय की दुकान चलाने से लेकर अंडे की रेहड़ी तक पर काम किया था।

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