Cricket: चलती ट्रेन में क्रिकेटर के साथ हुआ बड़ा हादसा, तड़प-तड़प कर तोड़ा दम, किसी ने नहीं की मदद!

Cricket के मैदान के बाहर एक चलती ट्रेन में क्रिकेटर के साथ दर्दनाक हादसा हुआ। इस घटना में क्रिकेटर ने तड़प-तड़प कर अपना दम तोड़ दिया।

icon द्वारा Kalpesh Kalal
iconPublished: 07 Jun 2025, 03:57 AM
iconUpdated: 07 Jun 2025, 11:34 PM

Cricket: क्रिकेट के मैदान में एक से एक दर्दनाक घटना घट जाती है। क्रिकेट के मैदान में तो खूब घटनाएं होती हैं। तो क्रिकेट के मैदान के बाहर भी कई तरह के इन्सीडेंट देखने को मिलते रहते हैं। लेकिन एक बहुत ही खतरनाक और हैरान करने वाला कांड हो गया। जहां एक चलती ट्रेन में एक क्रिकेटर के साथ दर्दनाक घटना हो गई। जिसमें क्रिकेटर की जान तक चली गई।

Cricket: ट्रेन में क्रिकेटर के साथ दर्दनाक हादसा

जी हां...एक विकलांग क्रिकेटर के साथ बहुत ही दुखद हादसा हो गया है। जहां चलती ट्रेन में इस क्रिकेटर ने तड़प-तड़प कर अपनी जान गंवा दी। दरअसल दिल्ली से ग्वालियर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन जा रही थी। ये ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ती जा रही थी। इसी बीच अचानक ही उसकी तबीयत खराब होने लगी और देखते ही देखते उसने अपनी जान से हाथ धो दिया और किसी ने मदद तक नहीं की।

चलती ट्रेन में सीने में दर्द के बीच क्रिकेटर की मौत

36 साल के विक्रम सिंह नाम के एक विकलांग खिलाड़ी के साथ ये घटना हुई। वो दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में चढ़े। विक्रम सिंह को अचानक सीने में जबरदस्त दर्द शुरू हो गया। वो दर्द से लगातार कहराते हुए दिखे। उन्होंने मदद के लिए एमरजेंसी नंबर पर बार-बार कॉल किया। लेकिन मथुरा पहुंचने से पहले मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा और विक्रम सिंह की जान चली गई।

दिल्ली-ग्वालियर जा रही ट्रेन में विक्रम सिंह कर रहे थे सफर

इस हादसे के बाद भारतीय रेलवे की मेडिकल एमरजेंसी की सेवा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मथुरा पहुंचने से पहले उनके साथ ये हादसा हो गया। रिपोर्ट की माने तो पहली बार सुबह करीब 4:58 बजे पहला एमरजेंसी कॉल किया गया। रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर लगातार कॉल करने के बावजूद भी मदद नहीं पहुंच सकी। ट्रेन मथुरा में सुबह 8:10 बजे पहुंची लेकिन तब तक विक्रम सिंह दुनिया छोड़कर चल बसे थे। उनके साथ हुए इस हादसे को लेकर उनके साथी खिलाड़ी ने अपनी बात रखी। जिसमें उन्होंने 'वह हमारी आंखों के सामने दर्द से कराह रहे थे। हम मदद के लिए लगातार फोन करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।'

Also Read- Virat Kohli ही हैं बेंगलुरु भगदड़ के असली जिम्मेदार? एक्टिविस्ट ने की पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग